याचिकाओं की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट बोला- एक भी ऐसी अर्जी नहीं आई जो कहे कृषि कानून अच्छे हैं

भारत का सुप्रीम कोर्ट
Page Visited: 227
1 0
Read Time:2 Minute, 36 Second

आम मत | नई दिल्ली

किसान आंदोलन सोमवार को लगातार 47वें दिन भी जारी रहा। वहीं, कृषि कानून रद्द करने सहित अन्य मुद्दों पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले पर केंद्र सरकार के रवैए पर सख्त नाराजगी प्रकट की। सीजेआई एसए बोबडे ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार ने रोक नहीं लगाई तो वे लगा देंगे।

हमें नहीं पता कि सरकार दिक्कत बढ़ाना चाहती है या सॉल्यूशन चाहती है। हमारे पास अब तक एक भी ऐसी अर्जी नहीं आई, जो कहती हो कि कृषि कानून अच्छे हैं। अगर ऐसा है तो किसान यूनियनों को कमेटी के सामने कहने दें कि कृषि कानून अच्छे हैं। आप तो हमें ये बताइए कि आप कानूनों के अमल को रोकना चाहते हैं या नहीं। दिक्कत क्या है?

कोर्ट ने कहा कि हम नहीं जानते कि किस तरह की बातचीत चल रही है। आप बताइए कि आप कृषि कानूनों पर रोक लगाएंगे या नहीं? आप नहीं लगाएंगे तो हम लगा देंगे। इसे कुछ वक्त तक रोकने में क्या हर्ज है? हम शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं, इसलिए आपसे कानूनों के अमल पर रोक लगाने को कह रहे हैं।

पूर्व सीजेआई लोढ़ा की अध्यक्षता में समिति बनाने का दिया सुझाव

साथ ही, पूर्व सीजेआई आर.एम लोढ़ा की अध्यक्षता में समिति बनाने का भी सुझाव दिया। सीजेआई ने सरकार से कहा कि इस मामले को आप सही तरीके से हैंडल नहीं कर पाए। हमें कुछ एक्शन लेना पड़ेगा। अदालत मंगलवार को किसानों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों और कृषि कानून से जुड़ी याचिकाओं पर फैसला सुनाएगी।

हम कानूनों को असंवैधानिक करार नहीं दे रहे। हम बस उसके अमल पर राेक की बात कर रहे हैं। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि आप मसला सुलझाने में नाकाम रहे। सरकार को जिम्मेदारी लेनी होगी। कानूनों की वजह से आंदोलन हुआ और आंदोलन अब आपको खत्म कराना है।

Share
Previous post जम्मू-कश्मीर में महसूस हुए 5.1 तीव्रता का भूकंप के झटके, किश्तवाड़ था केंद्र
Next post कर्नाटकः केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक कार एक्सीडेंट में घायल, पत्नी और पीए की हुई मौत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement