सर्वेः देश के 5 राज्यों की 30 फीसदी महिलाएं हिंसा की सर्वाधिक शिकार

Page Visited: 318
0 0
Read Time:2 Minute, 56 Second

आम मत | नई दिल्ली

देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (एनएफएचएस) के मुताबिक, 5 राज्यों की 30 फीसदी से अधिक महिलाएं पति द्वारा शारीरिक और यौन हिंसा की शिकार हुई हैं। एनएफएचएस के मुताबिक, महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामलों में सबसे बुरा हाल कर्नाटक, असम, मिजोरम, तेलंगाना और बिहार में है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और एनजीओ ने कोरोना के मद्देनजर ऐसी घटनाओं में वृद्धि की आशंका जताई है।

सर्वे में देश भर के 6.1 लाख घरों को शामिल किया गया। इसमें साक्षात्कार के जरिए आबादी, स्वास्थ्य, परिवार नियोजन और पोषण संबंधी मानकों के संबंध में सूचनाएं इकठ्ठा की गईं। एनएफएचएस-5 सर्वेक्षण के मुताबिक, कर्नाटक में 18 से 49 आयु वर्ग की करीब 44.4 फीसदी महिलाओं को अपने पति द्वारा घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा है। जबकि 2015-2016 के सर्वेक्षण के दौरान राज्य में ऐसी महिलाओं की संख्या करीब 20.6 फीसदी थी।

बिहार की 40 फीसदी महिलाएं हिंसा की शिकार

एनएफएचएस के सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में तकरीबन 40 फीसदी महिलाओं को उनके पति द्वारा शारीरिक और यौन हिंसा झेलनी पड़ी। वहीं मणिपुर में 39 फीसदी, तेलंगाना में 36.9 फीसदी, असम में 32 फीसदी और आंध्र प्रदेश में 30 फीसदी महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार हुईं। इस सर्वे में 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पिछले सर्वे की तुलना में घरेलू हिंसा के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई।

इनमें असम, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, सिक्किम, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं। इसके अलावा नौ राज्यों और केंद्र शासित में 18 से 29 वर्ष आयु की लड़कियों और महिलाओं के उत्पीड़न के प्रतिशत में वृद्धि हुई है। इनका कहना था कि उन्हें 18 साल की उम्र तक यौन हिंसा का सामना करना पड़ा। इनमें असम, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, मेघालय, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement