सरकार ने मांगें नहीं मानी तो 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर के साथ निकालेंगे ‘किसान गणतंत्र परेड’

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आम मत | नई दिल्ली

कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमा पर डेरा जमाए बैठे किसानों की 4 जनवरी को सरकार से वार्ता होनी है। इसके चलते किसानों ने केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का मन बना लिया है। किसान संगठनों ने शनिवार को फिर से मोर्चा खोला। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे मकर संक्रांति पर देशभर में तीनों कानूनों की होली जलाएंगे।

26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर के साथ अपनी अलग ‘किसान गणतंत्र परेड’ निकालेंगे। उस दिन दिल्ली के बार्डर पर उनके धरने के दो माह हो जाएंगे। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में किसान नेताओं ने बताया कि इस परेड के लिए अभी जगह तय नहीं हुई है। हालांकि इतना जरूर है कि इसके जरिए राजपथ के गणतंत्र दिवस परेड में व्यवधान डालने की कोशिश नहीं होगी।

चार जनवरी को वार्ता विफल होने की स्थिति में छह जनवरी को केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस-वे पर ट्रैक्टर मार्च के जरिये शक्ति प्रदर्शन होगा। शाहजहांपुर पर मोर्चा लगाए किसान दिल्ली कूच करेंगे।

वहीं छह से 20 जनवरी तक केंद्र सरकार के खिलाफ देशभर में ‘जागृति पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। 23 जनवरी को सभी राज्यों की राजधानियों में राज्यपाल के निवास के बाहर किसान आंदोलन समर्थक डेरा डालेंगे।

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