उत्तराखंड त्रासदी पर बोले सीएम रावतः ऋषिगंगा नदी पर चल रहे प्रोजेक्ट के अवशेष भी नहीं बचे

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आम मत | नई दिल्ली

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चमौली में जलप्रलय पर अपनी संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर टूटने के कारण रैणी गांव में ऋषिगंगा नदी में चल रहा प्रोजेक्ट पूरी तरह बर्बाद हो गया। गत वर्ष यहां बिजली बननी शुरू हुई थी। आज इस प्रोजेक्ट का अवशेष भी बाकी नहीं रहा। सीएम रावत ने कहा कि तपोवन में एनटीपीसी का एक हाइड्रोप्रोजेक्ट निर्माणाधीन था जिसमें बड़ी संख्या में लोग काम कर रहे थे।

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रैणी वाले प्रोजेक्ट में 35-36 लोग काम पर थे, जिनमें से 5-6 लोग सुरक्षित हैं। प्रोजेक्ट की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। तपोवन वाले प्रोजेक्ट में दो टनल हैं। एक टनल छोटी है उसमें फंसे हुए सभी लोगों को बचा लिया गया और एक टनल जो लगभग ढाई किमी लंबी है, उसमें पहले तो प्रवेश ही मुश्किल था, क्योंकि वहां दलदल बन गया है।

मृतकों की संख्या साफ करने की स्थिति में नहीं

सोमवार को फिर वहां आईटीबीपी, सेना और एसडीआरफ की टीम जाएगी। केंद्र सरकार ने भी एनडीआरएफ की टीम भेजी है। सेना के तीन हेलिकॉप्टर और एयरफोर्स का भी एक हेलिकॉप्टर भेजा गया है। अभी भी करीब 130-135 लोग लापता हैं। ये संख्या घट-बढ़ सकती है क्योंकि अभी कोई बताने की स्थिति में नहीं है। अभी पहला काम लोगों को बचाने का है।

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