नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपना नौवां लगातार केंद्रीय बजट (Indian Budget 2026) पेश किया। बजट 2026-27 (Budget 2026) में सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब (Tax Slab 2026) और टैक्स रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया है। यह फैसला सरकार की वित्तीय स्थिरता (Fiscal Stability) को प्राथमिकता देने की नीति को दर्शाता है, हालांकि बढ़ती महंगाई से जूझ रहे मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को इससे निराशा हाथ लगी है।
सरकार ने साफ किया कि नया टैक्स रिजीम और पुराना टैक्स रिजीम—दोनों में टैक्स ढांचा पहले जैसा ही रहेगा।

💰 नया टैक्स रिजीम: स्लैब वही, राहत सीमित
बजट 2026 में नया टैक्स रिजीम पहले की तरह ही डिफॉल्ट विकल्प बना रहेगा। इसके तहत:
- ₹4 लाख तक की आय पूरी तरह टैक्स फ्री
- धारा 87A के तहत ₹12 लाख तक की सालाना आय पर शून्य टैक्स
- सैलरीड क्लास के लिए ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन बरकरार
👉 यानी प्रभावी रूप से ₹12.75 लाख तक की आय टैक्स फ्री
🔢 नया टैक्स रिजीम: 7 स्लैब स्ट्रक्चर (बजट 2025 से लागू)
| आय सीमा | टैक्स दर |
|---|---|
| ₹4–8 लाख | 5% |
| ₹8–12 लाख | 10% |
| ₹12–16 लाख | 15% |
| ₹16–20 लाख | 20% |
| ₹20–24 लाख | 25% |
| ₹24 लाख से ऊपर | 30% |
यह वही ढांचा है जो पिछले साल बजट 2025 में लागू किया गया था।
🧓 पुराना टैक्स रिजीम भी बरकरार
जो टैक्सपेयर्स अभी भी ओल्ड टैक्स रिजीम चुनते हैं, उनके लिए भी कोई बदलाव नहीं किया गया है:
- ₹2.5 लाख तक बेसिक एग्जेम्पशन
- ₹10 लाख से ऊपर की आय पर 30% टैक्स
- कुल 4 टैक्स स्लैब पहले जैसे ही रहेंगे
पुणे की फाइनेंशियल मेंटर किरण गांधी के अनुसार,
“बजट 2026 में स्टैंडर्ड डिडक्शन को जस का तस रखा गया है। इससे स्थिरता तो मिलती है, लेकिन सैलरीड और पेंशनर्स को कोई नई राहत नहीं दी गई।”
📜 नया आयकर कानून 2026 से लागू
टैक्स रेट में बदलाव न सही, लेकिन बजट 2026 में सरकार ने एक बड़ा संरचनात्मक सुधार जरूर किया है।
- इनकम टैक्स एक्ट, 2025
- लागू होगा: 1 अप्रैल 2026
- 1961 के 60 साल पुराने कानून की जगह लेगा
वित्त मंत्री ने बताया कि:
- नए कानून में सेक्शंस और टेक्स्ट लगभग 50% कम
- नियम ज्यादा सरल और स्पष्ट
- नए ITR फॉर्म्स जल्द अधिसूचित होंगे
🗓️ ITR फाइलिंग और TCS में राहत
बजट 2026 में टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए:
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन चरणबद्ध (Staggered)
- रिवाइज्ड रिटर्न की आखिरी तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च
- नाममात्र शुल्क के साथ
- विदेश यात्रा पैकेज पर TCS बड़ी राहत
- पहले: 5% और 20%
- अब: सीधा 2%, बिना किसी थ्रेशहोल्ड के
🏗️ सरकार की प्राथमिकता: खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर और घाटा नियंत्रण
विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स में बदलाव न करने का फैसला सरकार की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी का हिस्सा है।
- फोकस:
- कैपेक्स (Capital Expenditure)
- इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट
- फिस्कल डेफिसिट कंट्रोल
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब 72% से ज्यादा टैक्सपेयर्स नया टैक्स रिजीम अपना चुके हैं। सरकार नीति में निरंतरता बनाए रखते हुए इसी सिस्टम को और मजबूत करना चाहती है।
Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार,
“स्लैब में बदलाव न होने से मिडिल क्लास निराश हो सकता है, लेकिन इससे नए टैक्स सिस्टम को अपनाने की रफ्तार बढ़ सकती है।”
❓ Budget 2026 Income Tax FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब बदले गए हैं?
👉 नहीं, FY 2026-27 के लिए नए और पुराने दोनों टैक्स रिजीम में स्लैब और रेट वही हैं।
Q2. क्या ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स लगेगा?
👉 नहीं। धारा 87A के तहत ₹12 लाख तक की आय पर शून्य टैक्स है।
Q3. सैलरीड कर्मचारियों को कितना स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा?
👉 ₹75,000, जिससे प्रभावी टैक्स फ्री इनकम ₹12.75 लाख हो जाती है।
Q4. नया इनकम टैक्स कानून कब से लागू होगा?
👉 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू होगा।
Q5. विदेश यात्रा पर TCS कितना लगेगा?
👉 अब सिर्फ 2% TCS, बिना किसी लिमिट के।
