टेलीकॉम कंपनियां 10 साल में जमा करा सकती हैं बकाया एजीआरः सुप्रीम कोर्ट

भारत का सुप्रीम कोर्ट
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आम मत | नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR की बकाया राशि पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को राहत देते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए 10 साल का समय दिया। यह समय सीमा एक अप्रैल 2021 से शुरू होगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, एजीआर की कुल रकम का 10% हिस्सा 31 मार्च 2021 तक चुकाना होगा। इसके साथ ही हर साल 7 फरवरी को टेलीकॉम कंपनियों को एजीआर की तय रकम का पेमेंट करना होगा। कोर्ट ने कहा कि अगर कंपनियां इस दौरान पेमेंट में देरी या डिफॉल्ट होती हैं तो उन्हें ब्याज और पेनाल्टी भी देनी होगी।

कोर्ट ने इसी के साथ यह भी कहा है कि इस बकाए का फिर से कोई वैल्यूएशन नहीं किया जाएगा। यानी जो रकम आज तय है, वही रकम भरनी होगी। दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने एनसीएलटी को कहा है कि वह आईबीसी प्रोसेस के तहत स्पेक्ट्रम के मामले को देखे।

किन कंपनियों के कितने रुपए बकाया

कंपनीबकाया
वोडाफोन आइडिया 50,400 करोड़ रुपए
भारती एयरटेल26 हजार करोड़ रुपए

कई कंपनियां एजीआर भरने से बच गई। ये कंपनियां या तो किसी अन्य कंपनी में मर्ज हो गई या बंद हो गई हैं। इन कंपनियों पर 1.6 लाख करोड़ रुपए एजीआर बकाया है। इनमें लाइसेंस फीस, स्पेक्ट्रम उपयोग चार्ज और पेनाल्टीज भी हैं।

इन कंपनियों ने चुकाया इतना एजीआर

कंपनीकितने रुपए चुकाए
वोडाफोन आइडिया7854 करोड़ रुपए
भारती एयरटेल18 हजार करोड़ रुपए
रिलायंस जियो 195 करोड़ रुपए

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आम मत

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