शिक्षा मंत्री निशंक के Silent मेजोरिटी वाले बयान पर भड़के Students

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आम मत | नई दिल्ली

इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए देश की सबसे बड़ी परीक्षा ज्वॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई)-मेन्स 1 से 6 सितंबर के बीच होनी है। वहीं, मेडिकल में एडमिशन के लिए नीट यूजी की परीक्षा 13 सितंबर को होगी। हालांकि, कोरोना के चलते इन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर स्टूडेंट्स और पैरेंट्स विरोध कर रहे हैं।

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दूसरी ओर, केद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साइलेंट मैजोरिटी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर स्टूडेंट्स ने विरोध जताया। स्टूडेंट्स ने कहा कि कि आप नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की वेबसाइट पर पोल कराकर देख सकते हैं कि कितने स्टूडेंट्स परीक्षा कराने के पक्ष में हैं और कितने नहीं। कई स्टूडेंट्स ने तो ट्विटर पर खुद ही पोल कराना शुरू भी कर दिया।

ये कहा था केंद्रीय मंत्री निशंक ने अपने इंटरव्यू में

इंटरव्यू में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के एक बयान ने कहा था कि स्टूडेंट्स की साइलेंट मेजोरिटी चाहती है कि परीक्षा हो। निशंक ने यह भी कहा कि मुझे रोजाना अनगिनत मेल ऐसे स्टूडेंट्स के आते हैं, जो इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे। लेकिन, वे किसी भी सूरत में यह नहीं चाहते कि इस साल जीरो ईयर घोषित हो।

सोशल मीडिया पर गुरूवार को #PostponeNEET_JEEinCovid टॉप 5 ट्रेंडिंग में रहा। दोपहर 12:30 बजे तक 1.26 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स इस हैशटेग के साथ विरोध दर्ज करा चुके थे। इसके अलावा परीक्षा के विरोध में एक और हैशटेग #AntiStudentNarendraModi भी ट्रेंडिंग में रहा। इस हैशटेग के साथ 6 लाख से ज्यादा यूजर ट्वीट कर चुके हैं।

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