सामने आया ग्रेटा थनबर्ग और दिशा के बीच की चैट, UAPA लगने को लेकर डर रही थी दिशा

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आम मत | नई दिल्ली

किसान आंदोलन से जुड़ी टूलकिट मामले में स्वीडिश क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग और दिशा रवि के बीच हुई वॉट्सऐप चैट सामने आ चुकी है। यह चैट तीन फरवरी की रात को हुई थी। चैट में खुलासा हुआ कि ग्रेटा ने जब दिशा द्वारा भेजे गए टूलकिट को जब गलती से ट्वीट कर दिया था। इससे दिशा बेहद डर गई थी, उसे यूएपीए का लगने का डर सताने लगा था। हालांकि थनबर्ग ने इसे कुछ देर में डिलीट कर दिया था। दिशा ने ग्रेटा को वॉट्सऐप मैसेज कर उसकी गलती बताई। टूलकिट पर दोनों के बीच वॉट्सऐप चैट रात 9.25 से 9.41 के बीच हुई थी।

ग्रेटा ने दिशा को मैसेज कर लिखा कि अच्छा होता कि ये अभी तैयार होती। मुझे इसके चलते धमकियां मिलती, लेकिन इसने तो बखेड़ा खड़ा कर दिया। इस पर दिशा ने लिखा मैं ये तुम्हें भेज रही हूं। ओके, क्या ऐसा हो सकता है कि ये टूलकिट तुम शेयर ना करो? ऐसा नहीं हो सकता कि कुछ वक्त के लिए हम लोग कुछ भी ना कहें? मैं वकीलों से बात करने जा रही हूं। मैं माफी चाहती हूं पर इसमें हम लोगों के नाम हैं।

हम लोगों के खिलाफ वास्तव में अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) के तहत केस होगा। इसके बाद दिशा ने एक और मैसेज किया, जिसमें उसने लिखा कि क्या तुम ठीक हो? इस पर ग्रेटा ने लिखा मुझे कुछ लिखना चाहिए। दिशा ने कहा क्या तुम मुझे 5 मिनट दे सकती हो, मैं वकीलों से बात कर रही हूं।

इसके जवाब में ग्रेटा बोली कभी-कभी नफरत के ऐसे तूफान आते हैं और ये बहुत भयानक होते हैं। इस पर दिशा ने लिखा मैं माफी मांगती हूं। हम सब परेशान हो रहे हैं, क्योंकि यहां हालात बहुत खराब होते जा रहे हैं। दिशा ने आगे लिखा हम ये निश्चित करेंगे कि इस मामले में तुम्हारा नाम न आए। हमें अभी सभी सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट करने होंगे।

एक्टिविस्ट निकिता समेत 70 लोग हुए थे वर्चुअल मीटिंग में शामिल

मामले में वकील और एक्टिविस्ट निकिता जैकब के खिलाफ भी गैर जमानती वॉरंट जारी किया गया। निकिता ने 26 जनवरी से पहले हुई वर्चुअल मीटिंग में शामिल होने की बात भी कबूली। इसमें पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (PJF) के फाउंडर एमओ धालीवाल, दिशा और अन्य लोग जूम ऐप के जरिए जुड़े थे। ये मीटिंग 11 जनवरी को हुई थी। इसमें 70 लोग शामिल हुए थे।

दिल्ली पुलिस ने जूम ऐप से सभी की जानकारी मांगी है। पुलिस ने कहा कि ये मीटिंग PJF ने बुलाई थी, जिसका फाउंडर एमओ धालीवाल है। इसी में ग्लोबल फार्मर स्ट्राइक और ग्लोबल डे ऑफ एक्शन 26 जनवरी नाम से टूलकिट बनाने का फैसला किया गया।

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