आम मत | मुंबई, Adipurush Film Review: 2020 में तान्हाजी जैसी सुपरहिट फिल्म बनाने के बाद डायरेक्टर ओम राउत का अगला प्रोजेक्ट आदिपुरुष था। फिल्म शुरुआत से ही कॉट्रोवर्सी में घिरी रही। कारण इसका भगवान राम से जुड़ा होना था।
Adipurush Film Review by Pulakit Sharma

आदिपुरुष फिल्म की कहानी – डायरेक्टर ओम राउत
यूं तो तकरीबन हर भारतीय को रामायण और भगवान राम, माता सीता, रावण के बारे में काफी जानकारी है। फिल्म आदिपुरुष भी रामायण के एक भाग यानी राम-रावण युद्ध पर आधारित है। फिल्म की शुरुआत राम-सीता और लक्ष्मण के वन में पहुंचने से शुरू होती है, जहां लक्ष्मण पर सुपर्णखा डोरे डालती है और अपने नाक-कान से हाथ धो बैठती है। इसके बाद रावण अपने मामा मारीच को स्वर्ण मृग यानी सोने का हिरण बनाकर भेजता है और सीता का अपहरण कर अपने साथ लंका ले जाता है। इसके बाद शुरू होता है राम-लक्ष्मण का सीता को ढूंढना और फिर रावण से युद्ध का।
रामायण के एक भाग, जिसमें वनवास और राम-रावण युद्ध शामिल है को फिल्म में दर्शाया गया है। डायरेक्टर ओम राउत ने अपनी ओर से फिल्म को बेहतरीन बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, लेकिन लोगों की आस्था और रामायण धारावाहिक में दिखाई गई एक-एक कड़ी के कारण दर्शक खुद को इस फिल्म से जोड़ने में असफल रहे। हालांकि, 14 साल के वनवास, सीता हरण और राम-रावण युद्ध को महज तीन घंटे में समेटने की ओम राउत की कोशिश के लिए उन्हें बधाई दी जा सकती है, लेकिन बहुत से पार्ट मिसिंग हैं। फिल्म के डायलॉग दोयम दर्जे के हैं।
जैसे- जब इंद्रजीत नागपाश से लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है तो वह राम से कहता है कि बहुत देख लिया तुम्हारा बंदर नाच, मेरे एक सपोले ने तुम्हारे शेषनाग को लेटा दिया है। कल सुबह तक कोई भी यहां दिखा तो अभी बहुत नाग बाकी हैं। इस तरह के डायलॉग ताली पीटने वाली जनता को भी तब अच्छे लग सकते हैं, जब कोई स्टार अपनी नॉर्मल कॉर्म्शियल मूवी में इसे इस्तेमाल करता, लेकिन बात जब भगवान राम से जुड़ी हो तो वह जनता भी इसे पसंद नहीं कर सकती।
Adipurush Movie Review in Hindi
कुल मिलाकर फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स तो अच्छे हैं, लेकिन उसके अलावा कुछ भी लोगों को इम्प्रेस करने में नाकामयाब रहा है। राघव बने प्रभास फिल्म में बहुत जगह बाहुबली नजर आए।
वहीं, कृति ने जानकी के रोल को अच्छे से निभाने की कोशिश जरूर की, लेकिन हो नहीं पाया। फिल्म में रावण बने सैफ और इंद्रजीत बने वत्सल सेठ ही अपनी थोड़ी-बहुत छाप छोड़ पाए हैं। फिल्म के एनीमेटेड स्टारकास्ट जैसे सुग्रीव और उनकी सेना हॉलीवुड मूवी प्लेनेट ऑफ द एप्स की याद दिला जाते हैं तो रावण की राक्षस सेना लॉर्ड ऑफ द रिंग्स के ऑर्क्स की याद ताजा कर देते हैं। इसी तरह, रावण भी ड्रैकुला अनटोल्ड मूवी की याद दिलाता है।
बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है। फिल्म में एक गाना फिजुल घुसाया गया है। बाकी दो गाने बैकग्राउंड में हैं, जो ठीक ही हैं। ओम राउत ने पौराणिक तथ्यों को कर्म्शलाइज्ड करने की कोशिश की है। अगर फिल्म देखने का मन है तो रामायण धारावाहिक को दिमाग से जरूर निकाल दें और ना ही दोनो की तुलना करें।
Adipurush Movie Rating: 2 Star
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