चीन के फिंगर एरिया-4 में समान डिसएंगेजमेंट के प्रस्ताव को भारत ने ठुकराया

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आम मत | नई दिल्ली

भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर चला आ रहा तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों की ओर से इसे समाप्त करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसी बीच, भारत ने चीन के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें चीन ने कहा था कि लद्दाख के फिंगर एरिया-4 में समान तरीके से दोनों देशों के सैनिक हटाए जाने चाहिए।

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चीन ने फिंगर-5 से फिंगर-8 के बीच बड़ी संख्या में तैनात कर रखे हैं सैनिक

वहीं, भारतीय सेना के शीर्ष सैन्य कमांडरों ने अपने फील्ड कमांडरों को निर्देश दिया है कि कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित कार्रवाई या घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें और मुस्तैद रहें। वर्तमान में चीन की सेना पैंगोंग त्सो लेक के आस-पास के क्षेत्र में मौजूद हैं। उन्होंने फिंगर-5 से फिंगर-8 एरिया के बीच बड़ी संख्या में सैनिक और उपकरण तैनात किए हुए हैं। इस क्षेत्र में अप्रैल-मई के दौरान चीनी सेना के बेस हुआ करते थे।

भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया है कि चीनी सेना को फिंगर एरिया से पूरी तरह पीछे हटना चाहिए और अपने मूल स्थान पर वापस चले जाना चाहिए। सूत्रों ने बताया कि चीनी सेना की ओर से दिए गए इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की कोई सूरत ही नहीं थी।

1993-96 के बीच हुए समझौते का चीन कर रहा उल्लंघन

सूत्रों ने कहा कि भारत भी इस मुद्दे को उठा रहा है कि चीन 1993-1996 के दौरान दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन कर रहा है। इस समझौते के अनुसार जिन स्थानों पर एलएसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच संशय है वहां किसी भी तरह का निर्माण कार्य प्रतिबंधित है। चीनियों ने फिंगर क्षेत्र में भी निर्माण किया है, जहां भारतीय क्षेत्र फिंगर 8 तक फैला हुआ है।

उल्लेखनीय है कि तीन महीने से भी अधिक समय से चल रहे इस विवाद को हल करने के लिए दोनों पक्ष राजनयिक स्तर की वार्ताओं के बाद अधिक से अधिक सैन्य वार्ताओं का आयोजन सुनिश्चित कर रहे हैं।  

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