छौंक से भोजन बनता है स्वादिष्ट, स्वास्थ्य को भी पहुंचता है फायदा

मसाले
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–टीना शर्मा

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि मसाले हमारे जीवन में कितना महत्व रखते हैं। ये मसाले भोजन में मिलकर ना सिर्फ भोजन का स्वाद बढ़ाते हैं। अपितु ये हमारे शरीर के कई विकारों को दूर करने में भी बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसीलिए महिलाएं दालों, सब्जियों आदि में तरह-तरह के मसालों का छौंक लगाती हैं। इससे उनके विकार दूर हो जाते हैं और वे शरीर के अनुकूल बन जाती हैं। आइए जानते हैं विभिन्न प्रकार के तड़के और इनका महत्त्व

जीरा

जीरा

भारत में अधिकांश सब्जियों और दालों में तड़के के लिए जीरा का इस्तेमाल होता है। जीरा गर्म प्रवृति का होता है। यह कफ और वायु विकारों का नाश करता है। यही वजह है कि हमारे यहां अधिकांश व्यंजनों में जीरे का छौंक लगाया जाता है।

मेथी

मेथी

कद्दू की सब्जी में मेथी का तड़का लगाया जाता है। मेथी दाना कफ और वात के नाशक होते हैं। अगर आपको रक्तचाप की समस्या है और एलोपैथी दवाएं नहीं लेना चाहते हैं तो इस मसाले का उपयोग आपके लिए काफी हितकर है। अगर आप खाने में मेथीदाना का प्रयोग करेंगे तो यह आपके कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा कम करेगा। इससे आपको ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप की समस्या में काफी राहत मिलेगी।

अदरक-लहसुन

अदरक-लहसुन

छोले, उड़द, राजमा आदि में अदरक और लहसुन का छौंक लगाने से वह और ज्यादा टेस्टी हो जाते हैं। वहीं, इसके जरिए उनका विकार भी दूर किया जाता है। अदरक रूखा, तीखा और उष्ण होने के कारण कफ और वात का नाश करता है। इसी प्रकार लहसुन भी वातनाशक होने के कारण इसका उपयोग छोले आदि में छौंक के लिए किया जाता है।

अजवायन

अजवायन

भिंडी, अरबी आदि में अजवायन का छौंक लगाया जाता है।
इससे ये सब्जियां और ज्यादा लजीज बन जाती हैं।
साथ ही, उनके दोषों को भी इनके जरिए दूर किया जाता है। अजवायन में वात, पित्त और कफ यानी सभी विकारों को दूर करने
की क्षमता मौजूद होती है।

मीठा नीम के पत्ते

मीठा नीम या कड़ी पत्ते

आपको कढ़ी खाना तो बहुत अच्छा लगता ही होगा। इसे और ज्यादा लजीज बनाता है मीठे नीम, अजवायन और मेथी का छौंक। ये सारे मसाले कढ़ी बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाले बेसन के विकार को दूर करते हैं। बेसन में वात विकार होता है। मीठा नीम के पत्ते, अजवायन और मेथी का छौंक इन्हें दूर कर देता है।

हींग

हींग

यह ऐसा मसाला है, जो खाने में सुगंध ला देता है।
दालों और सब्जियों में हींग का छौंक लगाने ये और ज्यादा स्वादिष्ट बन जाती हैं। कई दाल और
सब्जियां गैस बनाने का काम करती हैं।
यानी इनसे वात विकार बढ़ जाता है।
हींग गर्म होता है और इससे गैस की समस्या दूर
होती है।

लहसुन

लहसुन

हमारे शरीर में बहने वाले खून में हीमोग्लोबिन होता है। इससे जब भी चोट लगती है तो खून का थक्का बनता है। अगर खून ज्यादा गाढ़ा हो जाए तो यह हृदय रोग की समस्या उत्पन्न कर सकता है। ऐसे में लहसुन, प्याज और हरी मिर्च का छौंक लगाकर इस समस्या से निजात पाया जा सकता है। इनमें विद्यमान तत्व खून को पतला बनाएं रखते हैं, जिससे हृदय रोग संबंधी समस्याएं उत्पन्न नहीं होती हैं।

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