सीजन तीन के दूसरे पार्ट की स्ट्रिमिंग शुरू
आम मत | जयपुर
Web Series Ashram 3 Review in Hindi: बॉबी देओल को फर्श से एक बार फिर अर्श पर बैठाने वाली ओटीटी सीरीज आश्रम के सीजन तीन का दूसरा पार्ट 27 फरवरी यानी गुरुवार को स्ट्रिमिंग होना शुरू हो गया है। प्रकाश झा निर्देशित इस क्राइम-ड्रामा सीरीज में एक बार फिर से बाबा निराला की पावर के साथ वासना को जबरदस्त तरीके से दर्शाने का प्रयास किया गया है। कोरोना काल यानी वर्ष 2020 में इस सीरीज का पहला सीजन ओटीटी पर स्ट्रिम होना शुरू हुआ था। पहले ही सीजन से बॉबी देओल ने दर्शकों पर ऐसी छाप छोड़ी कि उन्हें सब जप नाम के डायलॉग से ही बुलाने लग गए थे। इस सीरीज के किरदारों को बड़े स्तर पर पहचान मिलने लगी थी।
Ashram 3: पहले तीन सीजन की कहानी…
Web Series Ashram Season 3: यह सीरीज काशीपुर में आश्रम चलाने वाले उस बाबा निराला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दिखने में तो बड़ा सीधा और सज्जन है, लेकिन असलियत में वह है इससे ठीक उल्ट यानी वासना में लिप्त एक इंसान। आश्रम का कर्ता-धर्ता है भोपा स्वामी, जो बाबा निराला को उसके उन दिनों से जानता है, जब वह बाबा ना होकर मोंटी था। मोंटी जो हेराफेरी करता है और लडक़ीबाजी में लिप्त रहता है। दोनों एक आश्रम चलाते हैं, जिसे मिलने वाले चंदे से कई अन्य व्यापार किए जाते हैं, जिसमें नौकरी बाबा के अनुयायियों को दी जाती है।
बाबा के अनुयायी उसे भगवान का दर्जा देते हैं। दूसरी ओर, परमिंदर उर्फ पम्मी पहलवानी करती है और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती है, लेकिन पिछड़े वर्ग से आने के कारण उसे आगे बढऩे के मौके नहीं मिलते हैं। इससे खिन्न वह उच्च वर्ग की एक पहलवान को पीट देती है। वे लोग पम्मी की जान के पीछे पड़ जाते हैं, उसके चाचा के लडक़े की ङ्क्षबदौरी निकालते समय उन पर हमला भी किया जाता है।
इस बारे में जब बाबा को पता चलता है कि उनके अनुयायियों के साथ ऐसा हुआ है तो वह वहां पहुंचते हैं और पम्मी को देखते ही उनकी वासनाओं के ज्वार बाहर निकलने को बेताब हो जाते हैं। वह पम्मी और उसके परिवार को अपना संरक्षण देकर सबके सामने दर्शाता है कि वह गरीब और पिछड़े वर्ग के साथ सदैव खड़ा है। हालांकि, यह सब दिखावे भर के लिए था। पम्मी और उसका परिवार बाबा निराला को भगवान मानने लगता है।
पम्मी आश्रम के अखाड़े में कुश्ती के दांव-पेंच सीख रही है और आगे बढऩे को लालायित है। हालांकि, वह अराजक है और खुद पर लगने वाले प्रतिबंध ना मानने वाली लडक़ी है। बाबा, एक वैश्यालय की लड़कियों को छुड़वा कर अपने आश्रम लाता है। वह उसके भाई की शादी इस वैश्यालय की एक लडक़ी बबिता से करवा कर उसे दूसरे शहर में स्थित दूसरे आश्रम के काम देखने में लगा देता है। बाद में वह उसका शुद्धिकरण भी करवा देता है।
वह बबिता को हर रात अपने आश्रम का खास लड्डू (ड्रग्स वाला) दिलवाता है और उसके साथ सहवास करता है। बबिता बाबा की हरकत भांप जाती है और एक रात वह लड्डू नहीं खाती और जब बाबा उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने चलता है तो वह अपनी आंखें खोल लेती है। बबिता बाबा को अपने जाल में फंसाकर आश्रम की मुख्य पुजारिन में से एक बन जाती है।
इधर, बाबा पम्मी से भी यही सब करना चाहता है, जिसे लेकर बबिता बाबा को समझाने की कोशिश करती है, लेकिन वासना के वशीभूत बाबा निराला उसकी बात नहीं मानता और पम्मी को भी वही लड्डू दिलवाता है और उसके साथ कई बार संबंध बनाता है। पम्मी को इसके बारे में पता चल जाता है और वह विरोध करती है। पम्मी की आवाज दबाने के लिए भोपा पम्मी के पिता और भाई की हत्या करवा देता है। बलात्कार और पिता-भाई की हत्या के चलते पम्मी बदले की आग में जलने लगती है। वह आश्रम का सारा सच सबके सामने लाने में जुट जाती है।
दूसरी ओर, बाबा के सीएम सुंदर लाल से रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं। वह विपक्ष के नेता हुकुम सिंह को सपोर्ट कर रहा है। सुंदर लाल बाबा के पीछे पड़ जाता है और उसे हाउस अरेस्ट करवा देता है। बाबा और आश्रम को बचाने के लिए भोपा स्वामी एक खेल खेलता है और बाबा का हाथ सीएम सुंदर लाल से मिलवा देता है। सुंदर लाल बाबा के केसों को दबा देता है। वहीं, चुनाव में आश्रम के पूरी तरह इनफ्लूएंस वाली 20 सीटों पर हुकुम सिंह की पार्टी के उम्मीदवारों को विजयी बनवाता है। हुकुम सिंह सरकार बनाकर मुख्यमंत्री बन जाता है।
भले ही हुकुम सिंह प्रदेश का मुख्यमंत्री था, लेकिन वह आश्रम और बाबा के इशारे पर चलता था। हालांकि, वह इन सबसे परेशान हो चुका है और आश्रम और बाबा के चंगुल से निकलने की लगातार कोशिश कर रहा है। इसी दरम्यान वह विदेश से अपनी महिला मित्र सोनिया को बुलवाता है।
सोनिया एक ब्रांड बिल्डिंग एक्सपर्ट है और हुकुम सिंह उसे प्रदेश की छवि सुधारने का काम देता है। वह बाबा से सोनिया को मिलवाता है। आकर्षक व्यक्तित्व की सोनिया के आगे बाबा की वासनाएं जाग उठती है और वह उसे आश्रम और उसकी छवि विदेश स्तर तक बनाने का काम सौंपता है। इधर, पम्मी आश्रम से भाग कर एक लोकल लेवल के पत्रकार अक्की से मिलती है, जो उसके कजिन का दोस्त है।
अक्की और पम्मी आश्रम की सच्चाई उजागर करने और बदला लेने में जुट जाते हैं। वहीं, सब इंस्पेक्टर उजागर सिंह भी आश्रम का काला सच सामने लाने की कोशिश में है। ये सभी मिलकर बाबा के खिलाफ सबूत जुटाते हैं और पूर्व मुख्यमंत्री सुंदर लाल के साथ मिलकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बाबा निराला पर बलात्कार और अन्य आरोप लगाते हैं। इनके आरोपों पर कोर्ट संज्ञान लेता है और बाबा निराला को कोर्ट में पेश होने का समन जारी होता है।
हालांकि, बाबा अपनी पावर का इस्तेमाल करता है और पम्मी का दांव उल्टा पड़ जाता है। कोर्ट सबूतों के अभाव में बाबा को बेल दे देता है। वहीं, पम्मी पहलवान को अपने पिता और भाई के मर्डर के केस में १५ दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाता है।
Ashram 3: सीजन ३ के दूसरे पार्ट की कहानी

बाबा आश्रम आ चुका है। वह भोपा स्वामी से सोनिया मिलवान के लिए कहता है। भोपा उसे एक वीडियो मैसेज दिखाता है, जिसमें सोनिया बताती है कि वह विदेश जा चुकी है एक अन्य देश की ब्रांड बिल्डिंग का कार्य करने के लिए। बाबा के जहन से पम्मी निकल नहीं पा रही है। भोपा जेल में बंद पम्मी को तरह-तरह की यातनाएं दिलवा रहा है। पम्मी की मां का निधन हो जाता है, बबिता बाबा से कहती है कि उसकी मां के अंतिम संस्कार में उसे आने दिया जाए।
बाबा जेल में सत्संग आयोजित करवाता है और पम्मी से मिलता है। उसे मिलकर उसकी वासनाओं का ज्वार फिर उठ पड़ता है और वह जेल सुपरिटेंडेंट से कहता है कि पम्मी को उसकी मां के अंतिम संस्कार में जाने की इजाजत दिलवाए। बाबा, अपने रसूखात को इस्तेमाल करता है और पम्मी को बेल दिलवा देता है।
जेल से निकल कर पम्मी खुद आश्रम चली जाती है। अक्की और उजागर समझ नहीं पाते कि वह ऐसा क्यों कर रही है। पम्मी को आश्रम के कोप भवन यानी जेल की बैरक जैसा कमरा में बंद कर दिया जाता है। भोपा उसे परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ता है। पम्मी इस बार ताकत से नहीं, बल्कि दिमाग से सारा खेल खेल रही है। वह भोपा स्वामी को अपने जाल में फंसाकर बाबा के विरुद्ध खड़ा करवा देती है।
Web Series Ashram 3 Review in Hindi
“Ashram 3 Review: इस बार बाबा की चालाकी पर भारी पड़ेगी पम्मी पहलवान की दिमागी ताकत!” 🚀🔥

आश्रम 3: एक्टिंग
Web Series Ashram 3 Review in Hindi: हर बार की तरह इस बार भी बाबा निराला के रोल में बॉबी देओल ने जान डाल दी है। भोपा स्वामी के रोल में चंदन रॉय सान्याल अच्छे रहे। बदले की आग में जल रही पम्मी के किरदार में अदिति पोहानकर, बबिता के रोल में त्रिधा, उजागर के रोल में दर्शन कुमार सहित सभी कलाकारों ने अच्छा काम किया है।