आम मत | नई दिल्ली
पाकिस्तान की फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट से बाहर आने की सारी उम्मीदें शुक्रवार को धूमिल हो गई। एफएटीएफ के एक्शन प्लान के सभी 27 मापदंडों का पालन करने में पाकिस्तान असफल रहा है। दरअसल, पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने की कोशिश में लगा हुआ है। हालांकि पाकिस्तान इसमें सफल होने में कामयाब नहीं हो पा रहा है।
पाकिस्तान पर लगातार आतंकियों को पनाह दिए जाने के आरोप लग रहे हैं। साथ ही वह एफएटीएफ के मापदंड़ों को पूरा करने में नाकाम रहा है। जिसके बाद पाकिस्तान को एक बार फिर से ग्रे लिस्ट में बनाए रखने का फैसला लिया गया है। वहीं एफएटीएफ प्लेनरी में तुर्की ने प्रस्ताव दिया कि 27 में से शेष छह मापदंडों को पूरा करने के लिए इंतजार करने की बजाय सदस्यों को पाकिस्तान के अच्छे काम पर विचार करना चाहिए।
साथ ही एक एफएटीएफ ऑन-साइट टीम को अपने मूल्यांकन को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान का दौरा करना चाहिए। वहीं जब प्रस्ताव को 38 सदस्यीय प्लेनरी के सामने रखा गया तो किसी भी सदस्य ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।
यहां तक कि चीन, मलेशिया या सऊदी अरब ने भी इसको मंजूरी नहीं दी। अब एफएटीएफ ने अगले साल फरवरी की अगली समीक्षा तक पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखने का फैसला किया है।