FIR में लगाए आरोप नहीं हुए साबित इसलिए अर्नब को दी गई अंतरिम जमानतः सुप्रीम कोर्ट

Page Visited: 589
0 0
Read Time:2 Minute, 1 Second

आम मत | नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को अंतरिम जमानत देने के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर का प्रथम दृष्टया मूल्यांकन उनके खिलाफ आरोप स्थापित नहीं करता है।

Hindu Calendar 2022 | Panchang 2022 | Hindi Calendar 2022

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पत्रकार अर्नब गोस्वामी की 2018 में आत्महत्या मामले में अंतरिम जमानत तब तक जारी रहेगी जब तक बॉम्बे HC उनकी याचिका का निपटारा नहीं कर देता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अर्नब की अंतरिम जमानत अगले 4 सप्ताह के लिए होगी जिस दिन से मुंबई हाईकोर्ट ने आत्महत्या के मामले में उनकी जमानत याचिका पर फैसला किया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उच्च न्यायालय, निचली अदालतों को राज्य द्वारा आपराधिक कानून का दुरुपयोग करने के खिलाफ जागरुक रहना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि SC, HC, जिला न्यायपालिका को नागरिकों के चयनात्मक उत्पीड़न के लिए आपराधिक कानून नहीं बनना चाहिए। अर्नब मामले पर बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस अदालत के दरवाजे एक ऐसे नागरिकों के लिए बंद नहीं किए जा सकते हैं, जिसके खिलाफ प्रथम दृष्टया राज्य द्वारा अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने के संकेत हों।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Advertisement