19 साल से फरार सिमी का सदस्य अब्दुल्ला दानिश आया दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में

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आम मत | नई दिल्ली

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन सिमी के 19 साल से फरार सदस्य अब्दुल्ला दानिश को गिरफ्तार कर लिया। दानिश पर वर्ष 2008 में अहमदाबाद बम धमाका के आतंकी को पनाह दी थी। साथ ही, वह दिल्ली, मुबंई और अहमदाबाद सीरियल धमाके करने वालों के संपर्क में था।

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वर्ष 2002 में ही कोर्ट ने दानिश को भगोड़ा घोषित कर दिया था। वह तभी से फरार चल रहा था। दिल्ली पुलिस देशद्रोह और गैरकानूनी गतिविधियों के मामले में उसे तलाश रही थी। दिल्ली पुलिस के एनएफसी थाने में इसके खिलाफ मामला दर्ज है। स्पेशल सेल करीब एक वर्ष से इसे पकड़ने में लगी हुई थी।

25 सालों में कई युवकों को उकसा कर बना चुका है जेहादी

आरोपी पिछले 25 वर्षों में मुस्लिम वर्ग के काफी युवकों को उकसा कर जेहादी बना चुका है। हालांकि दिल्ली पुलिस सिमी को पूरी तरह खत्म कर चुकी है।  स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार स्पेशल सेल में तैनात एसीपी अत्तर सिंह को एक वर्ष पहले अब्दुल्ला की दिल्ली व यूपी में गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी कि वह एनआरसी व सीएए के विरोध में मुस्लिम वर्गों के युवकों को उसका रहा है और धार्मिक समूहों में भेदभाव पैदा कर रहा है। ये भी झूठा प्रचार कर रहा है कि भारत सरकार मुस्लिमों पर अत्याचार कर रही है।

दिल्ली के जामिया नगर से किया गया गिरफ्तार

अब्दुला को पकड़ने का टास्क इंस्पेक्टर शिव कुमार व कर्मवीर सिंह की टीम को दिया गया। इंस्पेक्टर शिव कुमार की टीम ने कई महीनों की सर्विलांस के बाद मूलरूप से गांव बंदीघाट, जिला मऊ यूपी निवासी अब्दुल्ला दानिश (58) को जाकिर नगर, जामिया नगर दिल्ली से शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। 

भारत सरकार ने सिमी पर 27 सितंबर, 2001 में प्रतिबंध लगा था। बावजूद सिमी के सदस्य जामिया नगर में प्रेसवार्ता कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने यहां दबिश देकर सिमी के काफी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया था। जामिया नगर स्थित सिमी के हैडक्वाटर से काफी आपत्तिजनक व देश विरोधी सामग्री, पोस्टर व वीडियो मिली थीं।

कई आतंकियों के संपर्क में था अब्दुल्ला

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार जामिया नगर से फरार होने के बाद अब्दुल्ला अलीगढ़ गया। अब्दुल्ला वहां आतंकी अबदुश सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर, दूसरे आतंकी अबू बशर से मिला था। अब्दुल्ला ने इनको भारत सरकार के खिलाफ देशविरोधी गतिविधियों के लिए उकसाया था। इन दोनों आतंकियों ने अपने अन्य साथियों की मदद से वर्ष 2008 में सीरियल बम धमाके किए थे।

सीरियल बम धमाकों के बाद अबू बशर अलीगढ़ में अब्दुल्ला के घर रूका था। अब्दुल्ला के कहने पर ही इन आतंकियों ने केरल में सिमी के आतंकी ट्रेनिंग कैंप शुरू किए थे। अब्दुल्ला ने स्वीकार किया है कि वह यूपी, एमपी व गुजरात में जाकर युवकों को जेहादी बना चुका है।

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