संसदः राज्यसभा में हंगामे के बाद 6 मंत्री बोले- एमएसपी नहीं होगी खत्म

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– उच्च सदन में सरकार ने पास कराए कृषि संबंधी दो बिल
– राजनाथ सिंह, प्रकाश जावडेकर, मुख्तार अब्बास नकवी, पीयूष गोयल, थावरचंद गहलोत और प्रह्लाद जोशी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

आम मत | नई दिल्ली

किसान बिल पर रविवार को राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। सुबह हुए हंगामे के बाद मोदी सरकार के 6 मंत्रियों ने बिल पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इन मंत्रियों में राजनाथ सिंह, प्रह्लाद जोशी, मुख्तार अब्बास नकवी, पीयूष गोयल, थावरचंद गहलोत और प्रकाश जावडेकर शामिल थे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- राज्यसभा में आज जो कुछ भी हुआ है, वह दुखद था। मैं जानता हूं कि सदन की कार्यवाही चलाने के लिए सत्तापक्ष की जिम्मेदारी बनती है, लेकिन यह जिम्मेदारी विपक्ष की भी बनती है।

उन्होंने कहा कि मैं भी किसान हूं और किसानों से वादा करता हूं कि मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होगी। केवल निहित राजनीतिक स्वार्थ साधने की जो कोशिश की जा रही है वह ठीक नहीं है। राज्यसभा में सरकार ने ध्वनिमत से कृषि से जुड़े दो बिल पास करा लिए।

उपसभापति के खिलाफ विपक्षी दलों ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव

सदन में बिल पर वोटिंग के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। बाद में 12 विपक्षी दलों ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। करीब 100 लोगों के दस्तखत किया हुआ प्रस्ताव संसद के नोटिस ऑफिस में सबमिट किया गया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने कहा कि राज्यसभा के उप-सभापति को लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय, उनके रवैये ने आज लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया है।

रूल बुक फाड़ना, आसंदी के ऊपर चढ़ना गलतः राजनाथ

राज्यसभा में उपसभापति के साथ जो व्यवहार हुआ है वह गलत है। रूल बुक को फाड़ना, आसंदी के ऊपर चढ़ जाना, जहां तक मैं जानता हूं, संसदीय इतिहास में ऐसी घटना न कभी लोकसभा में हुई, न ही राज्यसभा में। यह राज्यसभा में होना तो और भी बड़ी बात है। संसदीय लोकतंत्र में मर्यादाओं का महत्त्व होता है। इस प्रकार की जो भी कार्यवाही की गई है मैं उसकी निंदा करता हूं। मैं स्पष्ट करता हूं कि इस तरह की कार्यवाही से उनकी छवि पर तो आंच आई है, मगर मुझे गहरी चोट पहुंची है। यह चेयरमैन ही फैसला लेंगे कि जिन्होंने गलत व्यवहार किया है उनके खिलाफ क्या एक्शन लेना है।

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