पब्लिक प्लेस का घेराव बर्दाश्त नहीं, आदेश के बिना भी करें कार्रवाईः शीर्ष कोर्ट

भारत का सुप्रीम कोर्ट
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आम मत | नई दिल्ली

दिल्ली के शाहीन बाग में संशोधित नागरिकत कानून (CAA) के विरोध में सड़क जाम करने को सुप्रीम कोर्ट ने गलत ठहराया। शीर्ष कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए थी, जोकि उसने नहीं की।

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कोर्ट ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के लिए शाहीन बाग जैसी सार्वजनिक जगहों का घेराव बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। शाहीन बाग को खाली करवाने के लिए दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी। ऐसे मामलों में अफसरों को खुद एक्शन लेना चाहिए। वे अदालतों के पीछे नहीं छिप सकते, कि जब कोई आदेश आएगा तभी कार्रवाई करेंगे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई में जस्टिस संजय किशन कौल की बेंच ने कहा कि पब्लिक प्लेसेज पर लंबे समय तक धरने नहीं दिए जा सकते। एक तय जगह पर ही प्रदर्शन होने चाहिए। मामला दिल्ली के शाहीन बाग प्रदर्शन से जुड़ा है। वहां पर तीन महीने से ज्यादा समय तक सड़क रोककर प्रदर्शन हुआ था। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई।

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