जयपुरः SMS हॉस्पिटल को बनाना पड़ेगा कोविड सेंटर, नहीं बच पाएंगे ‘नाजुक’ डॉक्टर

राजस्थान में कोरोना संक्रमण SMS Hospital
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– अन्य अस्पतालों में बेड और ICU पड़े कम
– मरीजों की संख्या में लगातार हो रहा इजाफा

आम मत | हरीश गुप्ता

जयपुर। जो भी शक्ति SMS हॉस्पिटल (सवाई मानसिंह अस्पताल) के ‘नाजुक’ डॉक्टरों को झंझट से बचाने के लिए उसे कोविड सेंटर बनाने से रोकने का प्रयास कर रही है, उसे कुछ ही दिनों में चुप होना पड़ेगा। जिस स्पीड से कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उसके चलते SMS हॉस्पिटल (सवाई मानसिंह अस्पताल) को कोविड सेंटर में तब्दील करना ही होगा।

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सूत्रों ने बताया हर क्षेत्र की जमीनी हकीकत देखें तो संख्या अभी से चौंकाने वाली है, लेकिन सरकारी बुलेटिन अभी भी ‘धीमी गति के समाचार’ बने हुए हैं। उनकी मानें तो सरकारी आंकड़ों के हिसाब से रोजाना राजधानी में 350-400 मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं। वर्तमान में आर यू एच एस, जयपुरिया और ईएसआई अस्पताल में कुल एक हजार बेड की व्यवस्था है।

सरकारी रेट की जगह निजी अस्पताल वसूल रहे ‘अपनी’ रेट

हालात यह है कि कई प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती होने के लिए बड़ी सिफारिशें करनी पड़ रही है। सवाल खड़ा होता है पैसे वाला तो कहीं भी इलाज करवा लेगा, मध्यमवर्ग और गरीब कहां जाएगा? अप्रोच भी लगवा लें तो अस्पताल का बिल कैसे चुकाएगा ? सरकार ने कितनी भी रेट तय कर दी अस्पताल तो अब भी ‘अपनी’ रेट वसूल रहे हैं। साफ कहते हैं बेड खाली नहीं है। कई लोग मजबूरी में गहने गिरवी रखकर उपचार करवा रहे हैं।

टेस्ट मशीन भी बीमार, स्वस्थ व्यक्ति को भी बता देती है संक्रमित

सूत्रों की मानें स्पीड जैसे-जैसे बढ़ रही है SMS हॉस्पिटल को कोविड सेंटर में तब्दील करना ही होगा। वरना ऐसा ना हो अस्पतालों में फर्श पर उपचार करना पड़े। कोरोना उपचार से जुड़े कुछ चिकित्सकों से बात की तो उन्होंने बताया कि टेस्ट करने वाली मशीन भी आपे से बाहर हो गई। एक मशीन स्वस्थ व्यक्ति को पॉजिटिव बता देती है, वह दूसरी जगह टेस्ट करवाता है, रिपोर्ट नेगेटिव आती है। विश्वास के लिए वह तीसरी जगह टेस्ट कराता है तब रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उसे संतुष्टि होती है।

राजस्थान में कोरोना संक्रमण SMS Hospital
SMS हॉस्पिटल

SMS हॉस्पिटल: कई सवाल, जिनका कौन देगा जवाब

सवाल खड़ा होता है ऐसी गड़बड़ी करने वाले टेस्टिंग संचालक के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? दोनों में से कोई मशीन तो गलत है। दोनों में से कौन गलत यह मापने का यंत्र क्या है? ऐसी कार्रवाई शुरू होगी तो मशीनें स्वत: ही सही रिपोर्ट देना शुरू कर देगी।

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