जयपुरः कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2020 का पेपर लीक?, आंसर शीट के साथ युवक गिरफ्तार

जयपुरः कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक!, आंसर शीट के साथ युवक गिरफ्तार
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– कूकस स्थित जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज (जेईसी) का मामला
– पूछताछ के बाद कॉलेज के 3 कर्मचारी भी धरे गए

आम मत | हरीश गुप्ता

जयपुर। कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2020 का पेपर लीक हुआ या नहीं? इस पर प्रश्नचिन्ह उठ खड़ा हुआ है। कूकस स्थित जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में एक छात्र के आंसर शीट के साथ गिरफ्तार होने के बाद कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा की सफलता पर बादल आ गए हैं। हालांकि, पुलिस ने नकल का मामला बनाते हुए युवक सहित कॉलेज के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में अब जो सवाल उठ खड़े हुए हैं वह पेपर लीक की ओर इशारा कर रहे हैं। अब इसकी जांच तो पुलिस को ही करनी होगी।

युवक से मिली कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2020 के सभी प्रश्नों के उत्तर की चिट

राज्यभर में करीब 5458 पदों पर 17 लाख बेरोजगारों ने आवेदन किया। कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2020 में करीब साढ़े 12 लाख युवा बैठे। परीक्षार्थी अधिक होने व कोरोना काल को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के मद्देनजर दो पारियों में परीक्षा 3 दिन चली। सूत्रों ने बताया कि कूकस स्थित जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज (जेईसी) में भी परीक्षा केंद्र था। शनिवार, 7 नवंबर को सुबह 9 से 11 बजे की पारी में द्वितीय तल पर कमरा नंबर 2203 में परीक्षार्थी की हरकत देख अन्य कुछ युवाओं ने वहां मौजूद महिला इनविजीलेटर को शिकायत की। इनविजीलेटर ने फ्लोर इंचार्ज को बुलाया। उस युवक की तलाशी ली गई तो उसके पास एक चिट मिली, जिसमें सभी प्रश्नों के उत्तर लिखे हुए थे। यह देख वहां हड़कंप मच गया।

दो क्लर्क और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे मिलीभगत में शामिल

सूत्रों के अनुसार, कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर आमेर थाना पुलिस व पुलिस के बड़े अधिकारी वहां पहुंचे। उन्होंने वहां से संत राम मीणा को हिरासत में लिया। यहां यह भी बता दें कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले चेकिंग इतनी कड़ी थी कि कोई भी कुछ भी अनुचित सामग्री भीतर न ले जा सके। पुलिस ने संतराम से पूछताछ की तो उसने कबूला कि उसे बाथरूम में किसी ने उत्तर की पर्ची दी थी।

इस पर पुलिस ने परीक्षा के बाद पूरे स्टाफ को रोक लिया। संतराम से शिनाख्त कराई गई तो उसने कहा कि लाइनदार स्वेटर पहने एक लड़का था। इस पर पुलिस ने कॉलेज के सभी स्टाफ को बुलाया तो किशनलाल नाम के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की उसने पहचान की। पुलिस ने किशनलाल से पूछताछ की तो उसने 3-4 अन्य नाम बता दिए। इस पर पुलिस ने कॉलेज के क्लर्क रविंद्र और छीतरमल को भी गिरफ्तार कर लिया।

पेपर लीक जैसी कोई बात नहींः आमेर थाना प्रभारी

मामले में आमेर थाना पुलिस प्रभारी राजेंद्र चारण से बात की तो उन्होंने बताया कि संतराम के आधार पर किशन से पूछताछ की तो उसने बोला कि स्टाफ ने पेपर की मोबाइल से फोटो खींची थी। उसके आधार पर उत्तर तैयार हुए, लेकिन पेपर लीक जैसी कोई बात नहीं है। पुलिस ने संत राम, किशन, रविंद्र और छीतरमल को गिरफ्तार कर लिया।

हमारे यहां से पेपर लीक होता तो पुलिस नहीं बुलातेः कॉलेज प्रशासन

jaipur engineering college (JEC)
जयपुरः कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक!, आंसर शीट के साथ युवक गिरफ्तार

वहीं इस मामले में कॉलेज प्रशासन का कहना है, ‘हमारे यहां से पेपर लीक होता तो हम पुलिस को नहीं बुलाते। हमने ही पुलिस बुलाई, उस लड़के को पुलिस को हैंड ओवर किया और आंसर शीट भी पुलिस को दे दी।’

कुछ सवाल, जिनके चाहिए जवाब

अब इन दोनों के बयान के बाद कुछ सवाल खड़े हो रहे हैं जो कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। क्लर्क को पेपर की फोटो खींचने का मौका कैसे मिला? कॉलेज का ऐसा कौन सा क्लर्क है जो इतना इंटेलिजेंट है कि कुछ मिनटों में उसने प्रश्नों के उत्तर भी खोज कर आंसर शीट तैयार कर दी? चपरासी को दे भी दी और चपरासी ने बाथरूम में बुलाकर युवक को सौंप भी दी? पुलिस की मानें कि मोबाइल से फोटो खींची गई, क्या मोबाइल से प्रश्न पढ़ना इतना आसान होता है? आखिर पुलिस इसे नकल की श्रेणी में ही रखकर जांच क्यों कर रही है?

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